‘मुजरिम’ : शिव शंकर मिश्र का उपन्यास — अब Flipbook में
📖 मुजरिम
शिव शंकर मिश्र का उपन्यास
पुस्तक परिचय
‘मुजरिम’ हिंदी साहित्यकार शिव शंकर मिश्र द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण उपन्यास है। यह कृति मनुष्य, समाज, परिस्थितियों और जीवन के उन प्रश्नों से संवाद करती है, जिनका उत्तर अक्सर समय के पास भी नहीं होता।
जीवन में अपराधी कौन है—वह व्यक्ति जिसे समाज अपराधी घोषित कर देता है, अथवा वे परिस्थितियाँ जो एक साधारण मनुष्य को अपराध की ओर धकेल देती हैं? ‘मुजरिम’ इसी प्रश्न के आसपास पाठक को सोचने के लिए प्रेरित करता है।
✍️ लेखक के बारे में
शिव शंकर मिश्र हिंदी साहित्य के ऐसे रचनाकार हैं जिनकी लेखनी में समाज, जीवन और मानवीय संवेदनाओं का गहरा संबंध दिखाई देता है। उनकी रचनाएँ केवल कहानी नहीं कहतीं, बल्कि पाठक के भीतर अनेक प्रश्न भी छोड़ जाती हैं।
📚 पुस्तक विवरण
पुस्तक का नाम : मुजरिम
विधा : उपन्यास
लेखक : शिव शंकर मिश्र
भाषा : हिंदी
प्रारूप : डिजिटल फ्लिपबुक
📖 अब पढ़ें ‘मुजरिम’
नीचे दिए गए डिजिटल फ्लिपबुक में आप उपन्यास के पन्नों को बिल्कुल पुस्तक की तरह पलटकर पढ़ सकते हैं।
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📖 Flipbook में पढ़ें“हर वह व्यक्ति मुजरिम नहीं होता जिसे समाज अपराधी कह दे; कभी-कभी परिस्थितियाँ भी इंसान के विरुद्ध गवाही देने लगती हैं।”
‘मुजरिम’ को पढ़िए, अपने विचारों से जुड़िए और साहित्य की इस यात्रा का हिस्सा बनिए।
✍️ शिव शंकर मिश्र


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